रिलायंस फाउंडेशन ने महिलाओं की डिजिटल पहुंच बढ़ाने को शुरू की 200 करोड़ की मुहिम
# गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर शुरू हुआ ‘शीकनेक्ट्स डिजिटल एक्सेलेरेटर’# भारत और अफ्रीका में महिलाओं की डिजिटल भागीदारी बढ़ाने पर फोकस# अगले तीन वर्षों में हाई-इम्पैक्ट डिजिटल समाधानों को मिलेगा समर्थन
“जियो” ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। आज 52 करोड़ 40 लाख से ज़्यादा सब्सक्राइबर्स के साथ यह इंटेलिजेंस युग का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है। जियो की आधुनिक कनेक्टिविटी और ‘एज कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर’ इसे वह प्रमुख माध्यम बनाते हैं, जिसके जरिए AI सेवाएं देश के उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी। आने वाले कई वर्षों के लिए जियो की ये ताकत, इस इंडस्ट्री-लीडिंग ग्रोथ को बरक़रार रखेगी।
आकाश अंबानीचेयरमैन, रिलायंस जियो इंफ़ोकॉम

मुंबई/नई दिल्ली। रिलायंस फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन ने महिलाओं की डिजिटल भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से ‘शीकनेक्ट्स डिजिटल एक्सेलेरेटर’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। 200 करोड़ रुपये की इस पहल का उद्देश्य भारत और सब-सहारा अफ्रीका में महिलाओं और लड़कियों तक डिजिटल तकनीक की पहुंच और उसके उपयोग को बढ़ावा देना है।
अगले तीन वर्षों में यह कार्यक्रम ऐसे स्थानीय और प्रभावी डिजिटल समाधानों को पहचानने और उन्हें बड़े स्तर तक पहुंचाने पर काम करेगी, जो महिलाओं की जिंदगी और आजीविका को बेहतर बनाने में मदद कर सकें।
रिलायंस फाउंडेशन भारत में इस कार्यक्रम के तहत ऐसे डिजिटल समाधानों को आगे बढ़ाएगा, जो पहले से असरदार साबित हुए हैं। वहीं गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर भारत और सब-सहारा अफ्रीका के बीच अनुभव और सीख साझा करने पर भी जोर दिया जाएगा।
इस मौके पर रिलायंस फाउंडेशन की चीफ – वीमेन एम्पावरमेंट, एन. दीप्ति रेड्डी ने कहा कि महिलाओं को डिजिटल दुनिया में पूरी भागीदारी के लिए जरूरी साधन और आत्मविश्वास देना बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है। उनके मुताबिक यह पहल महिलाओं की डिजिटल पहुंच बढ़ाने और उन्हें ज्यादा सक्षम बनाने की दिशा में काम करेगी।
गेट्स फाउंडेशन की डिप्टी डायरेक्टर – जेंडर इक्वालिटी, साची भल्ला ने कहा कि ग्लोबल साउथ के कई देशों में महिलाएं अब भी डिजिटल तकनीक तक पहुंच में कई चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय जरूरतों के मुताबिक तैयार समाधानों को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगी।
रिलायंस फाउंडेशन के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में उसने भारत में 6 लाख से अधिक महिलाओं तक डिजिटल तकनीक से जुड़ी पहलें पहुंचाई हैं। यह पहल 2030 तक डिजिटल जेंडर गैप को आधा करने के वैश्विक लक्ष्य की दिशा में भी योगदान देने का प्रयास करेगी।




